Democracy

फिलिपिन्स के तूमनदोक समुदाय का संघर्ष और उनकी आकांक्षायें

पनय का फ़िलिपीन द्वीप न केवल स्थानीय तूमनदोक जनसमुदाय का घर है, बल्कि बाँध निर्माण परियोजनाओं के विरुद्ध उनके एक दशक लम्बे संघर्ष की रणभूमि भी है।अपनी ज़मीन, जीवन और संस्कृति संरक्षण के संघर्ष में वे न केवल ज़बरिया विस्थापन, बल्कि लगातार बढ़ते राजनीतिक-सैन्य उत्पीड़न-आतंक का भी सामना कर रहे हैं।

सेना के इन दावों के विपरीत, कि वे फ़िलीपींस की कम्यूनिस्ट पार्टी के मिलिशिया सदस्य थे, पनय में सेना द्वारा क़त्ल किये गये स्थानीय लोग तथाकथित विकास परियोजनाओं की चुनौती का सामना करते हुए लम्बे समय से जीवन और ज़मीन पर अपने अधिकार के लिये संघर्षरत थे। बदले में उन्हें राज्य का दुश्मन घोषित करते हुए वर्षों से सैन्य उत्पीड़न का शिकार बनाया जा रहा है।

पिछले एक दशक से पनय के तूमनदोक उन परियोजनाओं का विरोध करते चले आ रहे हैं, जो अंततः उनके समूचे समुदायों को उनके जीवन साधनों और उनकी सदियों पुरानी संस्कृति और परम्पराओं सहित निगल जायेंगी।

2020 के अंत के ठीक पहले, राजकीय बलों ने पुलिस कार्यवाही का “समेकित-विस्तारित प्रबंधन” (सिंक्रोनाइज्ड एन्हांस्ड मैनेजमेंट ऑफ पुलिस ऑपरेशन) अभियान चलाया, जिसमें तूमनदोक स्थानीय संगठन के चेयरपर्सन रॉय गिगंतो और दो ग्राम अधिकरी – रेनाल्डो कातीपुनान और मॉरियो आग्युइरे सहित नौ लोग मारे गये।

इसके दो सप्ताह पहले, उनका संगठन “TUMANDUK” ( ज़मीन और जीवन की रक्षा में तूमनदक किसान) को सीनेट की एक सुनवाई में कम्यूनिस्ट पार्टी ओफ़ फ़िलिपींस और “न्यू पीपुल्स आर्मी” के खुले संगठन (front organisation) के रूप में चिन्हित किया गया था। यह आरोप 1950 दशक के मेकार्थीवाद (घोर कम्यूनिस्ट विद्वेषी विरोध) की याद दिलाता था।

आख़िरकार ये तूमनदोक हैं कौन, और क्यों फिलीपींस सरकार उनके प्रतिरोध को कुचल देने पर इस-क़दर आमादा है ?

विस्थापन के विरोध में संघर्ष

तूमनदोक P-11 बिलियन लागत वाले जलाउर बाँध का विरोध कर रहे हैं जो नदी घाटी क्षेत्र और आस-पास के इलाक़ों को जलमग्न कर देने के चलते उनके कबीले के 17,000 और कम-से-कम बारह लाख अन्य निवासियों को विस्थापित कर देगा।

सरकारी एजेंसियों ने बाँध निर्माण पर अपना ‘संभाव्यता’ (feasibility) अध्ययन 2009 में शुरू किया था। इसके नतीजे 2011 में एक कोरियायी फ़र्म को सौंप दिये गये। फिलीपींस क़ानूनों के अनुसार प्रभावित समुदायों से अनिवार्य रूप से ली जाने वाली स्वतंत्र, सुविज्ञ (informed) और पूर्व सहमति लेने की प्रक्रिया 2012 में शुरू की गयी !


शुरूवात में जलाउर बाँध निर्माण परियोजना ने तूमनदोक के लिये क़रीब 17,000 न्यूनतम मज़दूरी वाले अस्थाई पदों का प्रस्ताव किया था। कबीले के नेताओं का कहना था कि बाँध बन जाने के बाद वे सब बेरोज़गार हो जायेंगे और उनकी ज़मीनें पूरी तरह पानी में डूब जायेंगी।

बाँध से वहाँ के स्थानीय समुदायों के लिये तुरंत ख़तरे की आशंका है : प्रस्तावित निर्माण स्थल उस वेस्ट पनय फाल्ट लाइन से सिर्फ़ 11 किलोमीटर की दूरी पर है – जो फिलीपींस में सबसे भयावह विनाशकारी भूकंपों में से एक का कारण था। “दागसॉ-पनय-गुईमारा” स्थानीय जन नेटवर्क (indigenous people’s network)” द्वारा 2014 में जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 1948 में 8.2 मैग्निट्यूड का “लेडी केके” (lady Caycay) राष्ट्र के 500 सालों के इतिहास का सबसे बड़ा भूकंप था।

हाल के इतिहास में, 2012 में 6.8 मैग्निट्यूड तीव्रता के सेंट्रल नेग्रोस (Central Negros) में और 2013 में सेंट्रल विसाया (Visayas) में 7.2 मैग्निट्यूड तीव्रता के आये भूकंपों ने पनय में भीषण तबाही मचा दी थी।

पैंडेमिक के ही बीच दुतेर्ते (Duterte) प्रशासन ने अगस्त 2020 में उसी द्वीप पर एक अन्य विवादित बाँध परियोजना “पनय रिवर बेसिन इंटिग्रेटेड डवलपमेंट” को निरस्त करने के साथ ही घोषित किया कि जलाउर परियोजना को “बिल्ड, बिल्ड, बिल्ड” योजना के अंतर्गत प्राथमिकता वाली अधिसंरचना परियोजनाओं की सूची में शामिल कर लिया गया है।

विवेंशियो दिज़ों (Vivencio Dizon), ‘फ़्लैगशिप’ कार्यक्रमों के लिये राष्ट्रपति के सलाहकार ने, एक महीने बाद, ‘बिल्ड, बिल्ड, बिल्ड’ के अंतर्गत जल अधिसंरचना के अनुमोदन को विस्तारित किये जाने का आह्वान किया।

सैन्यीकरण

अपने जीवन और समुदायों पर बाँध के प्रतिकूल प्रभावों को भाँप कर तूमनदोक उन जुझारू लोगों-समुदायों में से थे जो लगातार, संपूर्ण प्रतिबद्धता के साथ, अक़ुइनो (Aquino) प्रशासन से ले कर आज तक बाँध के निर्माण का विरोध करते चले आ रहे थे। इसी प्रक्रिया में 2014 में उनका ग्रुप “TUMANDUK” बना, जो लगातार बढ़ती राजकीय जासूसी (स्टेट सर्विलांस) और उनके समुदायों के ख़िलाफ़ लगातार बढ़ते सैन्यीकरण का सामना करते हुए आज तक का उनका सबसे विशाल जुटावा माना जाता है।

अपनी स्थापना के अवसर पर संगठन ने उनके पुरखों के क्षेत्र में छः ट्रक भर कर सैनिकों और दो सेना हेलिकॉप्टरों की लगातार गश्त के बावजूद जलाउर बाँध के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित किया।

यहाँ तक कि स्थानीय सरकार भी बाँध निर्माण का समर्थन कर रही थी। उदाहरण के लिये “जलाउर रिवर फ़ॉर दि पीपुल्स मूवमेंट” (JRPM) ने बताया कि स्थानीय सरकार ने ‘डिपार्टमेंट ओफ़ इंटीरियर एंड लोकल गवर्नमेंट’ और फिलीपींस राष्ट्रीय पुलिस के अधीन समुदाय के सैन्यीकरण के लिये ‘काबयान ऐक्शन ग्रुप’ के नाम से पैरामिलिटरी ग्रुप गठित कर के उसमें स्थानीय लोगों की भर्ती की जा रही थी।

JRPM ने कहा कि जो लोग बाँध निर्माण का विरोध करने पर डटे रहे, उनके ख़िलाफ़ निर्माण कार्य में अवरोध और ‘देरी’ के लिये मुक़द्दमों की धमकियाँ दी जा रही हैं।

नेस्तर और मेरी कास्तोर और रोमियो व बेर्ना कास्तोर दंपतियों के ख़िलाफ़, जिन्होंने विरोध पर अडिग रहते हुए अपनी ज़मीनों को बेचने से इंकार कर दिया, राष्ट्रीय सिंचाई प्रशासन (NIA) की ओर से ज़बरिया क़ब्ज़े (expropriation) के मुक़दमे दायर किये गये!
JRPM के अनुसार, तीन में से दो बाँध, जलाउर मुख्य ताल (reservoir), और जल मार्ग कास्तोर कबीले के पुरखों के इलाक़े में बनाये जा रहे हैं।

JRPM के अनुसार रोमियो के भाई नेस्तोर की क़रीब एक एकड़ ज़मीन मुख्य बाँध तक जाने वाली सड़क में चली गयी। इस ज़मीन पर काफ़ी के पौधों और फलदार वृक्षों के नुक़सान की भर पायी के रूप में उसे सिर्फ़ P.1800.00 (38 अमेरिकी डालर) मिले। मगर न्यायालय में मुक़दमे के दौरान, जिसमें वह एक गवाह था, नेशनल इरिगेशन एडमिनिस्ट्रेशन (NIA) ने जो दस्तावेज़ पेश किया उसके अनुसार नेस्तोर ने P.1,80,00 (3817 अमेरिकी डालर) प्राप्त किये थे !

स्थानीय निवासियों को सरकारी नुमाइंदों द्वारा उनको पुरखों की ज़मीनों से जबरन बेदख़ल करते हुए P.50,000 ($1040), और जिनके पास ज़मीन के मालिकाना दस्तावेज़ नहीं थे, उन्हें इससे भी कम रक़म लेने के लिये मजबूर किया गया। वे सरकारी नुमाइंदे वर्दी धारी बलों के साथ स्थानीय लोगों के घरों पर जाने लगे और उनके इलाक़ों की लगातार पेट्रोलिंग कर के उन्हे आतंकित किया ।

जैसे-जैसे सरकारी परियोजना आगे बढ़ी, सेना की कार्यवाहियाँ भी बढ़ती गयी।

फ़रवरी 2020 में ही फिलीपींस सेना ने घोषणा कर दी थी कि वह 501 लोगों की बारहवीं इंफ़ैंट्री बटालियन के साथ, जिसे सांगठनिक और कम्यूनिटी सपोर्ट कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण दिया जा रहा है, CPP और NPA के ख़िलाफ़ जंग तेज करने जा रही है।

प्रशासनिक कामों की देख-रेख कर रहे PNA ने जानकारी दी कि बारहवीं इंफ़ैंट्री बटालियन को संचलन (maneuver) बटालियन में परिवर्तित कर के उसमें पैदल सैनिकों को शामिल किया जा चुका था जिससे CPP और NPA को ध्वस्त करने का काम निर्धारित समय सीमा ‘डेड लाइन’ 2020 के अंदर अथवा प्रेसिडेंट दुतेर्ते का कार्यकाल पूरा होने से पहले निपटाया जा सके।

इन घोषणाओं के साथ-साथ तमाम प्रगतिशील लोगों को इन भूमिगत संगठनों के “फ़्रंट संगठनों’ के नेताओं और भूमिगत संगठन के लिये भर्ती अभियान चलाने वालों के रूप में प्रचारित करते हुए उनके नाम और फ़ोटो के पोस्टर समुदायों के अंदर चिपकाये और उन सोशल मीडिया पेजों पर लगाये जा रहे थे जिनके रिश्ते राजकीय बलों के साथ बताये जाते थे।

“दि फिलीपीन टास्क फ़ोर्स फ़ॉर इंडीजेनस पीपुल्स राइट्स” ने यह भी जानकारी दी कि 16 जून 2020 को फिलीपीनी सेना (IBPA) की 47वीं और 12वीं इंफ़ैंट्री बटालियनों और फिलीपीनी नेशनल पुलिस रीजनल मोबाइल फ़ोर्स (PNP-RMF) द्वारा कापिज (Capiz) के स्थानीय तूमनदोक समुदायों को कम्यूनिस्ट समर्थकों की सूची से बाहर करने के लिये जबरन उनकी पुश्तैनी ऊपरी-पठारी ज़मीनों से स्थाई रूप से बेदख़ल-खदेड़ कर नीचे सड़क के किनारे पुनर्वासित किया जा रहा था !

अभी हाल में ही,पश्चिमी विसाया में PNP क्राइम लेबरोटरी कार्यालय के कर्नल एनरिक एंचेता (Enrique Ancheta) ने पुष्टि की कि मारे गये नौ में से सात नेताओं की बारूद जाँच नकारात्मक पायी गयी है। सच बता देने के अपराध में अंचेता को पुलिस रीजनल क्राइम लेबोरेटरी कार्यालय के उसके पद से मुक्त कर दिया गया।

आकांक्षायें

तूमनदोक के लिये, उनकी पुश्तैनी ज़मीनों के लिये संघर्ष का मतलब उनके अपने अस्तित्व के लिये संघर्ष है।

2012 के पर्यावरणीय जाँच (investigation) मिशन AGHAM ( एडवोकेट्स फ़ॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी फ़ॉर दि पीपुल) ने तूमनदोक पुरखों के इलाक़े में भारी प्राकृतिक संसाधनों की पुष्टि की। इस इलाक़े में औषधीय जड़ी-बूटियों और इमारती लकड़ियों की भरमार है। वह नदी भी, जिससे तूमनदोक अपना भोजन प्राप्त करते हैं, भरपूर धनी है, मगर डिंगली बाँध के निर्माण के चलते दुष्प्रभावित हुई है : बाँध के निर्माण ने मीठे पानी की बाम मछली (eel) प्रजाति के प्रजनन चक्र को प्रभावित किया।

जलाउर नदी स्थानीय-देशज लोगों के परम्परागत “डांगसॉ” (Dangsaw) जुटावे की भी जगह है, जहां वे सामूहिक रूप से मछली मारते हैं।

AGHAM की मिशन रिपोर्ट में कहा गया : “नदी और उससे जुड़ी संरचनायें, स्थानीय जनों (IPs) के लिये महत्वपूर्ण लैंडमार्क का काम करती हैं, जिनमें से कुछ का तूमनदोक के पुरातन महाकाव्य (एपिक) “सुगिदानों” (Sugidanon) में भी उल्लेख आता है। उनकी समृद्ध संस्कृति के सौंदर्य को उनका जातीय (ethnic) नृत्य “बिनानोग” (Binanog) और भी द्विगुणित करता है जो शाह बाज़ पक्षी (changeable hawk-eagle) की कलाबाज़ियों और उड़ान से प्रेरित है जिसे वे अपनी स्थानीय बोली में ‘बानोग’ नाम से जानते हैं।”

AGHAM ने कहा ” बाँध का निर्माण इन संरचनाओं और जीव-जंतुओं को बहा ले जायेगा और इस तरह अगली पीढ़ी के लिये महाकाव्य, नृत्य, और अन्य तमाम परम्परायें अर्थहीन व खोखली हो जायेंगी।”

‘पेस्टिसाइड ऐक्शन नेटवर्क-एशिया पैसिफ़िक’ एनजीओ के लिये “तूमनदोक किसानों का नरसंहार न केवल उनके परिवारों के लिये, स्थानीय-देशज जनों के आंदोलनों के लिये, बल्कि उस समूचे वैश्विक समुदाय के लिये बेहद गंभीर क्षति है जो छोटे खाद्य उत्पादकों को और इस बात के महत्व को मान देते हैं कि स्थानीय-देशज (indigeneous) ज्ञान किस तरह ज़मीन और जैव-विविधता के संरक्षण से अविछिन्न रूप से अंतर्गुँथित है।”

बावजूद इसके कि उनके नौ सबसे साहसी-शौर्यवान नेताओं की हत्या हो गयी, और सैकड़ों जेल में हैं, तूमनदोक जन अपनी ज़मीन, जीवन-आजीविका, और संस्कृति की रक्षा के लिये अनवरत संघर्ष जारी रखेंगे।

Date Written: 17-02-2020
Author: Janess Ann J. Ellao and Anne Marxze D. Umil
Translator: Surya Kant Singh
Title: फिलिपिन्स के तूमनदोक समुदाए का संघर्ष और उनकी आकांक्षायें
First Published: Progressive International

Author is a voracious reader and an autodidact. He is studying Statistics and Philosophy and works as an Analytics Consultant. He has published columns on Public Policy, Governance, Politics, Economics and Philosophy among others. When in leisure he listen's to 70's rock and engage in pro-people talk. He can be contacted on surya@columnist.com

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